सागर
शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए प्रशासन ने अहम कदम उठाया है। भोपाल और इंदौर जाने वाली बसों के रूट में बदलाव करते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है, जो 8 मई से प्रभावी होगी। नए रूट के तहत बसें अब शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से नहीं गुजरेंगी, जिससे मोतीनगर और आसपास के इलाकों में लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या हुआ बदलाव?
नई व्यवस्था के अनुसार, भोपाल और इंदौर जाने वाली बसें अब राहतगढ़ बस स्टैंड नहीं जाएंगी। ये बसें पुराने मुख्य बस स्टैंड से रवाना होकर मोतीनगर चौराहे पहुंचेंगी और वहां से सीधे लेहदरा नाका स्थित नए बस स्टैंड होते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ेंगी।
जाम से मिलेगी राहत:
वर्तमान में ये बसें रेलवे पुल के नीचे और राहतगढ़ बस स्टैंड तक जाकर वापस मुड़ती थीं, जिससे मोतीनगर थाना, बड़ी माता मंदिर और विजय टाकीज क्षेत्र में भारी जाम की स्थिति बनती थी। नए रूट से शहर के अंदरूनी इलाकों में यातायात का दबाव कम होगा और बसों का अनावश्यक घुमाव खत्म होने से यात्रा के समय में भी बचत होगी।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जनसुविधा:
उल्लेखनीय है कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत शहर के बाहर लेहदरा नाका और मेनपानी में करीब 20 करोड़ की लागत से नए बस स्टैंड बनाए गए थे। यात्रियों और बस ऑपरेटर्स की असुविधा को देखते हुए प्रशासन ने शहर के भीतर ट्रैफिक सुधार और नए बस स्टैंडों के उपयोग के बीच यह संतुलित रास्ता निकाला है।

More Stories
राष्ट्रीय एकता दिवस के लिए मध्यप्रदेश से निकलेगी मोटरसाइकिल रैली
ऑपरेशन मेट्रिक्स 2.0 के तहत नीमच पुलिस की बड़ी कार्रवाई
प्रदेश में बनाए जाएंगे सांदीपनि स्कूलों के 400 नए भवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव