October 22, 2026

राजस्थान में रेत का खौफनाक बवंडर, दिन में छाया अंधेरा; सड़कों पर थम गई रफ्तार

 चुरू/श्रीगंगानगर

राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में शनिवार दोपहर को प्रकृति का एक अद्भुत और डरावना रूप सामने आया. चूरू में दोपहर करीब 2 बजे और श्रीगंगानगर में अचानक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया. आसमान में धूल और रेत का इतना विशाल गुबार उठा कि उसने पूरे सूरज को ढक लिया। 

धूल का यह बवंडर इतना घना था कि देखते ही देखते दोपहर के समय ही चारों तरफ घनघोर अंधेरा छा गया और विजिबिलिटी (दृश्यता) घटकर शून्य के करीब पहुंच गई. सड़कों पर चल रहे वाहनों के पहिए जहां के तहां थम गए और वाहन चालकों को मजबूरन अपनी हेडलाइट्स जलानी पड़ीं ताकि वे कुछ मीटर की दूरी तक देख सकें। 

70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और 30 मिनट का तांडव
मौसम विभाग और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह रेतीला चक्रवात मामूली आंधी नहीं था. इस बवंडर के दौरान हवाओं की रफ्तार लगभग 70 किलोमीटर प्रति घंटा मापी गई। 

30 मिनट तक हाहाकार
रेत की यह विशालकाय दीवार आसमान में लगभग 30 मिनट तक लगातार आगे बढ़ती रही, जिससे लोग अपने घरों की खिड़कियां-दरवाजे बंद कर दुबकने को मजबूर हो गए। 

बवंडर के बाद बरसे बदरा
इस भयानक रेतीले तूफान के तुरंत बाद प्रकृति का दूसरा रूप देखने को मिला. धूल के शांत होते ही आसमान में घने बादल छा गए और कई इलाकों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश शुरू हो गई. इस आंधी और बारिश की जुगलबंदी ने पिछले कई दिनों से 45 डिग्री के पार चल रहे पारे को अचानक नीचे गिरा दिया। 

मौसम विभाग के अनुसार, इस बवंडर और बारिश के चलते तापमान में सीधे 8 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय लोगों ने उमस और लू से बड़ी राहत महसूस की है। 

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