75 हजार एकड़ से अधिक का औद्योगिक लैंड बैंक और 27 औद्योगिक क्लस्टर वैश्विक निवेशकों के लिए बनेंगे आकर्षण
लखनऊ
उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में योगी सरकार ने सिंगापुर की कंपनियों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया है। मंगलवार को लखनऊ के ताज पैलेस होटल में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के नेतृत्व में आए 14 सदस्यीय उच्चस्तरीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। इसमें लॉजिस्टिक्स, हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी नियोजन और हॉस्पिटैलिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
बैठक में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के निकट समर्पित ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसका उद्देश्य सिंगापुर की कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करना और दोनों पक्षों के बीच औद्योगिक एवं कारोबारी सहयोग को नई गति देना है।
निवेशकों के लिए अनुकूल नीतियां और मजबूत औद्योगिक आधार
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश अपनी प्रतिबद्धताओं को धरातल पर उतारने में विश्वास रखता है। प्रदेश में 36 से अधिक क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति निवेशकों को आकर्षक अवसर उपलब्ध करा रही है। उद्यमियों को अब तक लगभग 70,000 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है। उन्होंने सिंगापुर के निवेशकों से प्रदेश की नीतियों और कार्यप्रणाली पर भरोसा रखते हुए निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश में 75 हजार एकड़ से अधिक का औद्योगिक लैंड बैंक उपलब्ध है। इसके साथ ही 27 इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। प्रदेश का विस्तृत एक्सप्रेसवे नेटवर्क और ईस्टर्न एवं वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से कनेक्टिविटी इसे विनिर्माण, भंडारण और माल परिवहन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं प्रदान करती है।
जेवर के पास ‘सिंगापुर सिटी’ का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फरवरी 2026 में सिंगापुर यात्रा के बाद आए इस प्रतिनिधिमंडल के समक्ष जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट ‘सिंगापुर सिटी’ और हाईटेक औद्योगिक टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। फरवरी में हुई यात्रा के दौरान लगभग 60,000 करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर सहमति बनी थी। जेवर एयरपोर्ट, औद्योगिक क्लस्टर और बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव सिंगापुर की कंपनियों के लिए विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स, आधुनिक शहरी विकास और अन्य कारोबारी गतिविधियों के अवसर खोल सकता है। प्रस्तावित परियोजना का उद्देश्य प्रदेश में वैश्विक स्तर की औद्योगिक एवं व्यावसायिक सुविधाओं को बढ़ावा देना है।
स्वच्छ तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण और डिजिटल सेवाओं में सहयोग
प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई चर्चा में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, क्लाउड सेवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और वाटर रीसाइक्लिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विचार किया गया। इस दौरान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की कंपनी एग्रीकॉर्प इंटरनेशनल तथा अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र की कंपनी ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सॉल्यूशंस के साथ एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। इन समझौतों से संबंधित क्षेत्रों में सहयोग और निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है।
सिंगापुर प्रतिनिधिमंडल ने की बुनियादी ढांचे की सराहना
सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के चेयरमैन मार्क ली ने मुख्यमंत्री की सिंगापुर यात्रा को द्विपक्षीय कारोबारी संबंधों की दृष्टि से महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क, औद्योगिक पार्कों और वेयरहाउसिंग सुविधाओं की सराहना की। एसबीएफ-इंडिया बिजनेस कमेटी के चेयरमैन प्रसून मुखर्जी ने कहा कि बेहतर बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। बैठक में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के सीईओ कोक पिंग सून, आईएचसीएल के एमडी एवं सीईओ पुनीत छतवाल, अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार और इन्वेस्ट यूपी के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य उद्योग प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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