जब भी घर में शुभ पौधे लगाने की बात आती है, तो हमारे दिमाग में दो नाम सबसे पहले आते हैं, तुलसी और मनी प्लांट.एक तरफ तुलसी घर में सुख-शांति लाती हैं, तो दूसरी तरफ मनी प्लांट है जो आर्थिक तरक्की से जुड़ा है.अक्सर लोग सोचते हैं कि क्या इन दोनों को एक साथ रखा जा सकता है? इन दोनों को साथ रखने का नियम और सही तरीका क्या है, अगर आप वो तरीका जान गए, तो किस्मत चमक सकती है.
क्या है वास्तु का नियम
ज्योतिष और वास्तु के हिसाब से देखें तो मनी प्लांट का कनेक्शन बुध ग्रह से है, जो हमारे दिमाग और बिजनेस को संभालता है.
तुलसी जी का कनेक्शन गुरु ग्रह और भगवान विष्णु से है, जो हमें सुख और अच्छी सोच देते हैं. अब आप ही सोचिए, बिना बुद्धि के पैसा टिकता नहीं और बिना पैसे के जिंदगी चलती नहीं. इसलिए जब ये दोनों पौधे आपके घर में सही तरीके से साथ होते हैं, तो आपको बुद्धि और पैसा दोनों एक साथ मिलते हैं.
दूरी है जरूरी
दोनों पौधों को साथ रखने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप दोनों को एक ही गमले में लगा दें. दोनों का स्वभाव अलग है, इसलिए इन्हें थोड़ी दूरी पर रखें.
तुलसी को कहां रखें? इन्हें हमेशा घर की उत्तर या पूर्व दिशा (North or East) में रखें. यह दिशा भगवान की मानी जाती है.
मनी प्लांट को कहां रखें? इन्हें घर के साउथ-ईस्ट कोने (South-East) में रखना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि यह दिशा धन के देवता कुबेर जी की होती है.
बालकनी में कैसे सेट करें? अगर आप इन्हें अपनी बालकनी या लिविंग रूम में रख रहे हैं, तो तुलसी को थोड़ा उत्तर की तरफ और मनी प्लांट को थोड़ा दक्षिण की तरफ रखें. दोनों के बीच कुछ फीट का गैप जरूर होना चाहिए.
इन दो बातों का खास ख्याल रखें
अगर आप इन दोनों पौधों को पास-पास रख रहे हैं, तो बस दो गलतियों से बचना है:
मनी प्लांट को तुलसी पर न चढ़ने दें: मनी प्लांट एक बेल (creeper) है जो ऊपर की तरफ भागती है. ध्यान रखें कि मनी प्लांट की बेल बढ़ते-बढ़ते तुलसी के पौधे को ढक न ले. तुलसी का पौधा हमेशा साफ और खुला दिखना चाहिए.
साफ-सफाई: तुलसी जी के पास हम सब पूजा करते हैं, इसलिए वहां चप्पल-जूते या कचरा न रखें. साथ ही, मनी प्लांट के जो पत्ते सूख जाएं, उन्हें तुरंत काट कर हटा दें.

More Stories
मनी प्लांट लगाते समय न करें ये गलतियां, वास्तु के अनुसार जानें सही दिशा और पौधा रखने की जगह
3 नवंबर को बनेगा गजकेसरी राजयोग, कर्क-तुला-धनु राशि वालों को धन और तरक्की के मिल सकते हैं अवसर
शरद पूर्णिमा 2026: 25 अक्टूबर को रखें खीर, जानें पूजा का शुभ समय और मां लक्ष्मी की आराधना का महत्व