October 24, 2026

बिना हेडलाइट दौड़ती रहीं सरकारी बसें! मोबाइल टॉर्च के सहारे सफर, कर्नाटक में KKRTC पर सियासी घमासान

 बेंगलुरु

कर्नाटक में सरकारी बस सेवाओं की स्थिति को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है. सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो और तस्वीरों में दावा किया गया कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KKRTC) की कुछ बसें हेडलाइट खराब होने के कारण रात में मोबाइल की टॉर्च के सहारे चलाई गईं. दावा किया जा रहा है, राज्य सरकार के पास फंड नहीं है, जिसके चलते इन बसों की लाइटों को ठीक नहीं करवाया गया. हालांकि इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर परिवहन व्यवस्था की अनदेखी का आरोप लगाया है। 

वहीं इस पूरे मामले में केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारास्वामी ने एक्स पर एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने कहा कि भारी उद्योग मंत्रालय ने पीएम ई-ड्राइव स्कीम के तहत 4,500 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की थीं. दिसंबर 2025 में ही कन्फर्मेशन मिलने के बावजूद राज्य सरकार (@tdkarnataka) 'लेटर ऑफ़ अवार्ड' (LoA) तक जारी नहीं कर पाई है, जिससे पूरी प्रक्रिया रुकी हुई है। 

बसों की खराब स्थिति पर गरमाई राजनीति
साथ ही राज्य सरकार पर 'शक्ति' स्कीम के तहत ₹4,573 करोड़ का रीइम्बर्समेंट बकाया है. जिससे मौजूदा बसों की मामूली मरम्मत भी नहीं हो पा रही है. फिर भी अपनी नाकामी के कारण वे 4500 मुफ़्त नई ई-बसों का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। 

फिलहाल बसों की खराब स्थिति और ई-बस परियोजना में कथित देरी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. मामले को लेकर अब सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं, जबकि परिवहन व्यवस्था को लेकर यात्रियों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। 

Spread the love