October 24, 2026

MP की जेलों की रसोई पर AI की नजर, कैदियों को परोसने से पहले जांची जाएगी दाल-सब्जी और रोटी की गुणवत्ता

इंदौर 
मध्य प्रदेश
की जेलों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर कैदियों की शिकायतें अब सीधे एआई तक पहुंचेंगी। विभाग ने जेल किचन में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) आधारित सॉफ्टवेयर तैयार किया है। किचन में लगाए गए कैमरों के जरिए यह सिस्टम रोजाना तैयार भोजन की तस्वीर और स्थिति का विश्लेषण करेगा। इसमें दाल, सब्जी और रोटी की गुणवत्ता से जुड़े अलग-अलग मानकों की जांच की जाएगी। किसी जेल में लगातार गड़बड़ी मिलने पर इसकी रिपोर्ट मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इंदौर जेल डीजी द्वारा इसकी पुष्टि की गई है।

नई व्यवस्था में जेल के अंदर खाना बनाने वाले कैदी भोजन तैयार होने के बाद उसे निर्धारित तरीके से कैमरे के सामने रखेंगे। कैमरे से मिली तस्वीरों को एआइ आधारित सॉफ्टवेयर जांचेगा। सिस्टम भोजन के रंग, स्थिति और दिखाई देने वाले अन्य मानकों का विश्लेषण करेगा। मसलन रोटी जली तो नहीं है, दाल ठीक तरह से बनी है या नहीं, सब्जी में पानी अधिक तो नहीं है जैसे ङ्क्षबदुओं पर जांच की जाएगी।
हर दिन बनेगी रिपोर्ट

भोजन की जांच केवल शिकायत आने के बाद नहीं होगी, बल्कि रोजाना की जाएगी। सॉफ्टवेयर से तैयार रिपोर्ट जेल मुख्यालय के कंट्रोल रूम में भेजी जाएगी। वहां तैनात अधिकारी अलग- अलग जेलों से आने वाली रिपोर्ट की निगरानी करेंगे। इससे किसी एक दिन की शिकायत के बजाय लगातार खराब हो रही भोजन व्यवस्था की पहचान करना आसान होगा।

एक-दो बार गलती माफ, लगातार गड़बड़ी तो कार्रवाई
इस संबंध में इंदौर जेल डीजी वरुण कपूर ने बताया कि कंट्रोल रूम में अधिकारी भोजन की गुणवत्ता से जुड़ी रिपोर्ट की लगातार निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी जेल में महीने में एक-दो बार गुणवत्ता से जुड़ी कमी सामने आती है तो उसे सामान्य गलती मानकर देखा जा सकता है, लेकिन किसी जेल में लगातार खराब गुणवत्ता की रिपोर्ट आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य जेलों में भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित करना है।

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