मुंबई
MobiKwik चलाने वाले कई यूजर्स के साथ एक बड़ी प्रॉब्लम सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 48 घंटों के दौरान कई लोगों के बैंक अकाउंट्स से 40 करोड़ रुपये निकाल लिए गए. ये ट्रांसफर UPI के जरिए किया गया है. ये घटना 11 -12 सितंबर को हुई.
इस घटना के बाद जब मामले की जांच हुई तो उसके बाद 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया. ये गिरफ्तारी हरियाणा के जिले नूंह और पलवल से हुई हैं. गिरफ्तार किए गए लोगों के बैंक अकाउंट से चोरी किए गए 9 लाख रुपये भी बरामद हुए .
सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद शुरू हुई प्रॉब्लम
टेक्निकल प्रॉब्लम की शुरुआत हाल ही में जारी किए गए सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद शुरू हुई है. इस अपडेट में एक ग्लिच था, जिसका फायदा कुछ लोगों ने उठाया. जांचकर्ताओं का मानाना है कि इस गलत अपडेट की वजह से सिक्योरिटी चेक को डिसेबल कर दिया गया.
UPI पिन के बाद भी बैंक खाते से निकाले रुपये
टेक्निकल ग्लिच के चलते एक खामी सामने आई और ठगों ने इस खामी का इस्तेमाल करके कई लोगों के खातों से रुपये उड़ा लिए हैं. अथॉरिटीज ने 8 करोड़ रुपये को फ्रीज कर दिया है, जो अलग-अलग बैंक अकाउंट ने निकाले गए थे.
पुलिस ने लोगों से की अपील
नूंह जिले में रहने वाले लोगों से पुलिस ने अपील की है कि 11 -12 सितंबर के दौरान जिन लोगों के बैंक अकाउंट से MobiKwik ऐप के जरिए फर्जी ट्रांजैक्शन हुई हैं, वे लोग SP ऑफिस आकर कंप्लेंट दर्ज कराएं.
बचाव के लिए क्या करें?
UPI के जरिए होने वाले किसी भी साइबर ठगी से बचाव के लिए जरूरी है कि आप एक से ज्यादा बैंक अकाउंट को यूपीआई ऐप से लिंक ना करें. MobiKwik ऐप वॉलेट और UPI दोनों की सुविधा देता है.

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