जगदलपुर.
धनतेरस पर बस्तर के बाजारों में महंगाई पर आस्था और खरीदारी का उत्साह भारी पड़ता नजर आया. सुबह से देर शाम तक बाजारों में ग्राहकों की भीड़ रही और दुकानों में जमकर कारोबार हुआ. सोने-चांदी की कीमतें आसमान पर होने के बावजूद लोगों ने आभूषण और सिक्कों की खरीदारी की.
अनुमान के मुताबिक, जिलेभर में इस बार करीब 100 से 110 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ. सराफा बाजार में 20 से 50 हजार रुपये तक के आभूषणों की सबसे ज्यादा मांग रही. एक लाख रुपये तक के गहनों की भी अच्छी बिक्री दर्ज की गई. कपड़ा कारोबार ने भी रफ्तार पकड़ी और पिछले साल के मुकाबले दोगुना होकर 20 करोड़ रुपये पार पहुंच गया. मोबाइल बाजार में 20 से 35 हजार रुपये तक के फोन सबसे ज्यादा बिके, बिक्री में करीब 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब एक हजार दोपहिया और चारपहिया वाहन बिके, 30 से 40 करोड़ के कारोबार का अनुमान है. बर्तन बाजार में पारंपरिक तांबे-पीतल की जगह स्टील और आधुनिक किचन उपकरणों की मांग बढ़ी. हालांकि, भारी भीड़ के बीच किसानों की रैली ने यातायात व्यवस्था बिगाड़ी और खरीदारों को जाम से जूझना पड़ा. कुल मिलाकर धनतेरस कारोबारियों के लिए खुशियां लेकर आया, लेकिन शहर की यातायात व्यवस्था की परीक्षा भी ले गया.
पटाखा दुकानों में सुरक्षा की अनदेखी, जांच में मिलीं कई खामियां
कोंडागांव. दीपावली पर रोशनी और आतिशबाजी की तैयारी के बीच पटाखा दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है. नगर के स्टेडियम ग्राउंड में एसडीएम दिलीप उइके के औचक निरीक्षण में कई दुकानों पर गंभीर कमियां मिलीं. कहीं फायर सेफ्टी किट नहीं थी तो कहीं दुकानदार मौके पर लाइसेंस तक नहीं दिखा सके. तातेड़, गुणवंत, आकाश साहू और रमेश जायसवाल की दुकानों में अलग-अलग सुरक्षा संबंधी खामियां सामने आईं. त्रिभुवन साहू की दुकान में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं मिले, जबकि माखन साहू और जागेश की दुकानों में डस्टबिन तक की व्यवस्था नहीं थी. प्रभात की दुकान के सामने नो पार्किंग की स्थिति मिलने पर भी कार्रवाई की गई. एसडीएम ने संबंधित दुकानदारों पर जुर्माना लगाया और दोबारा लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी.
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि पानी के टैंकर दुकानों के सामने रखने के बजाय पीछे रखे गए हैं. ऐसे में आग लगने जैसी आपात स्थिति में तत्काल पानी उपलब्ध कराना चुनौती बन सकता है. स्टेडियम परिसर में पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने से भी अव्यवस्था की आशंका बनी हुई है. एसडीएम ने नगर पंचायत और पुलिस को मुख्य प्रवेश मार्ग पर बैरियर लगाने तथा पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए. सवाल यही है कि त्योहार के दौरान किसी बड़े हादसे से पहले सुरक्षा की इन कमियों को पूरी तरह दूर किया जा सकेगा या नहीं.

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