नई दिल्ली
इथेनॉल को लेकर विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने विरोधियों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा, मेरा दिमाग की ही कीमत हर महीने 200 करोड़ की है। मेरे पास पैसे की कोई कमी नहीं है और मैं कभी नीचे नहीं गिर सकता हूं। उन्होंने कहा कि वह जो कुछ भी करना चाहते हैं वह किसानों के हित के लिए है। इसका कमाई से कोई लेना-देना नहीं है।
नागपुर में एग्रीकोज वेलफेयर सोसाइटी के एक कार्यक्रम में संबोधन के दौरान उन्होंने कहा, आपको क्या लगता है कि ये सब मैं पैसे के लिए कर रहा हूं? मैं कोई दलाल नहीं हूं, ईमानदारी से कमाना जानता हूं। उन्होंने कहा, बहुत सारे राजनेता लोगों को लड़ाकर खुद फायदा उठाना जानते हैं, लेकिन हम उनमें नहीं हैं।
गडकरी ने कहा, मेरा भी घर-परिवार है। मैं कोई संत नहीं हूं। मुझे हमेशा लगता है कि विदर्भ में 10 हजार किसानों की आत्महत्या शर्म की बात है। जब तक कि हमारे किसान समृद्ध नहीं हो जाते, हम अपने प्रयास कम नहीं करेंगे। गडकरी ने अपने बेटे की कंपनी को लेकर कहा कि वह केवल आइडिया देने का काम करते हैं। उन्होंने कहा, मेरा बेटा इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का बिजनेस करता है। उसने हाल ही में ईरान से 800 कंटेनर सेब ऑर्डर किए और यहां से 100 कंटेनर केले भेज दिए।
गडकरी ने कहा, मेरे बेट ने गोवा से 300 कंटेनर मछलियां सर्बिया को सप्लाई कीं। उन्होंने कहा, बेटे ने ऑस्ट्रेलिया में दूध के प्रोडक्ट की फैक्ट्री लगाई है। वह अब अबू धाबी और अन्य जगहों पर भी कंटेनर भेजता है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा आईटीसी के साथ मिलकर 26 चावल मिलें चलाता है। गडकरी ने कहा, मुझे पांच लाख टन चावल के आटे की जरूरत पड़ती है। इसलिए वह मिल चलाता है और मैं उससे आटा खरीद लेता हूं। उन्होंने कहा कि ये कुछ उदाहरण है जिससे पता चलता है कि बिजनेस में इंटरेस्ट रखने वाले लोग कृषि क्षेत्र में कैसे अवसर पैदा कर सकते हैं।

More Stories
अमेरिका में तेल संकट गहराया, 1982 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंचा रणनीतिक भंडार
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग में 140% सैलरी बढ़ने का दावा क्यों? समझें पूरा गणित
RSS को हिंदुत्व की बढ़ती धमक का श्रेय, विजयादशमी उत्सव में बोले संजय गुप्त