पटना.
बिहार पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं, लेकिन आरक्षण रोस्टर जारी नहीं होने से संभावित उम्मीदवारों और आम लोगों के बीच अभी भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है. पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोग लगातार आरक्षण सूची का इंतजार कर रहे हैं. इसी बीच विभागीय सूत्रों से बड़ी जानकारी सामने आई है कि 15 जून तक पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण गाइडलाइन जारी की जा सकती है.
प्रखंड से जिला स्तर तक तेज हुई चुनावी तैयारी
पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं. विभाग द्वारा प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर पर आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है. वहीं, ईवीएम मशीनों के सुरक्षित रख-रखाव के लिए स्टोर की व्यवस्था को लेकर भी जगहों का चयन किया जा रहा है.
2006 और 2016 के आरक्षण रोस्टर का हो रहा अध्ययन
विभागीय जानकारी के अनुसार वर्ष 2006 और 2016 के पंचायत आरक्षण रोस्टर को राज्य निर्वाचन आयोग के पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है. वर्ष 2016 का रोस्टर 2011 की जनगणना के आधार पर तैयार किया गया था, जबकि 2006 का रोस्टर जनगणना से पहले का है. अब दोनों रोस्टर का तुलनात्मक अध्ययन कर नया पंचायत आरक्षण रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है.
15 जून तक हो सकती है बड़ी घोषणा
सूत्रों की मानें तो राज्य स्तर से 15 जून तक आरक्षण संबंधी गाइडलाइन जारी होने की संभावना है. गाइडलाइन जारी होने के बाद सभी प्रखंडों से आरक्षण सूची मांगी जाएगी. इसके बाद जिला प्रशासन सूची को अंतिम रूप देकर राज्य निर्वाचन आयोग को भेजेगा. आयोग की स्वीकृति मिलने के बाद ही पंचायतों के लिए आरक्षण सूची आधिकारिक रूप से लागू होगी और उसी आधार पर चुनाव कराया जाएगा.
दावा-आपत्ति की प्रक्रिया लगभग पूरी
चुनावी तैयारियों के तहत दावा-आपत्ति के निपटारे का काम भी लगभग पूरा कर लिया गया है. प्रशासन का दावा है कि आरक्षण प्रक्रिया को जल्द अंतिम रूप देकर चुनाव संबंधी आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी.
महाराजगंज प्रखंड की 16 पंचायतों में होगा चुनाव
महाराजगंज प्रखंड की 16 पंचायतों में मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य और जिला परिषद सदस्य पदों के लिए चुनाव कराया जाना है. चुनावी सरगर्मी के बीच संभावित प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं, लेकिन आरक्षण स्पष्ट नहीं होने से अंतिम रणनीति तय नहीं कर पा रहे हैं.
क्या बोले बीडीओ?
महाराजगंज प्रखंड के बीडीओ बिंदु कुमार ने बताया कि प्रखंड की सभी 16 पंचायतों के लिए वर्ष 2006 और 2016 के आरक्षण रोस्टर को पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है. आगे की कार्रवाई राज्य स्तर से जारी होने वाली गाइडलाइन के अनुसार की जाएगी. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आरक्षण गाइडलाइन और रोस्टर जारी होते ही पंचायत चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी. इसके बाद संभावित उम्मीदवार खुलकर चुनावी मैदान में उतरेंगे और गांवों में चुनावी गतिविधियां तेज हो जाएंगी.

More Stories
राजस्थान में संकट में अरावली की छोटी पहाड़ियां, निर्माण और खनन से 50% तक चट्टानें नष्ट
ज्ञान, संस्कार और समावेशन से विद्यालयों का भविष्य संवारेगी योगी सरकार
झारखंड में अनोखे अंदाज में मनाया जाता है दासाय पर्व, दुर्गा पूजा पर आदिवासी देते हैं भाईचारे का संदेश